नकारात्मक विचार – सकारात्मक विचार

आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में जहाँ समय और सुकून की कमी है वहीँ इसके बावजूद लोग अपनी जिंदगी को भौतिक सुख सुविधाओ से परिपूर्ण करना चाहते हैं, लेकिन जब लोगो की इच्छायें, उनकी ख्वाहिशें पूरी नहीं होती तो वे नकारात्मकता के शिकार हो जाते हैं |9

अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए, अपने भविष्यको सँवारने के लिए हम में से लगभग सभी मेहनत करतें हैं | ज्यादातर लोग एक बेहतर मुकाम पाने के लिए लक्ष्य बनातें हैं तथा सपने देखते हैं लेकिन सिर्फ कुछ लोग ही अपनी मंजिल को पाते हैं | लोग अपने सपनों को पूरा करनें के लिए प्रयास तो पूरे उत्साह के साथ शुरू करतें हैं लेकिन जरा सी मुश्किलें आते ही उनका उत्साह कम हो जाता है और वो प्रयास करना छोड़ देते हैं और जो लोग अन्त तक पूरे उत्साह और दृढ़ता के साथ लगे रहते हैं वो अपनी मंजिल को प्राप्त करते हैं अपने सपनों को पूरा करतें हैं |

यहाँ हम दो तरह के लोगो को देखते हैं – एक वो जिन्होंने प्रयास करना छोड़ दिया और दूसरे वो जिन्होंने अन्त तक प्रयास किया और अपने लक्ष्य को प्राप्त किया |

“क्या फर्क है इन दोनों तरह को लोगों में”

इनमें फर्क है इनकी सोच का | इनमें प्रयास करना छोड़ने वालों की सोच नकारात्मक है और अन्त तक प्रयास करनें वालों को सोच सकारात्मक है |

जिन लोगों की सोच नकारात्मक होती है वे जरा सी समस्या होनें पर अपने प्रयासों को अधूरा छोड़ देतें हैं और अलग – अलग बहाने बनाते हैं कि मेरी किस्मत खराब है, मेरे पास पैसा नहीं है, मेरे पास समय नहीं है, मैं अकेला था, मुझे किसी ने सपोर्ट नहीं किया, मैंने तो कोशिश की थी लेकिन वो चीज मेरी किस्मत में ही नहीं है, आदि आदि |

इससे अलग सकारात्मक सोच वाले कभी बहाने नहीं बनाते | चाहे कितनी भी मुश्किलें आयें, कितनी भी समस्यायें आयें वो हर समस्या का दृढ़ता से सामना करतें हैं और जब तक अपने कार्य में सफल नहीं हो जाते हैं तब तक प्रयास करते रहते हैं और अन्त में जीत जाते हैं |

“हो सकता है” और “नहीं हो सकता है” में सिर्फ एक शब्द का अंतर है और ये ही शब्द आपके जीवन की दिशा निर्धारित करता है | अगर आप सोचतें हैं कि आप उस कार्य को कर सकते हैं तो आप कर सकते हैं और अगर आप सोचतें हैं कि आप उस कार्य को नहीं कर सकते तो आप वाकई नहीं कर सकते हैं और दोनों ही दशाओं में आप सही हैं | इनमे से एक दशा नकारात्मक है और दूसरी सकारात्मक | अब आपको तय करना है कि आपको किसका चयन करना है |

एक पेड़ से लाखों माचिस की तिल्लियां बनायीं जा सकती हैं लेकिन एक तिल्ली लाखों पेड़ों को जला देती है | उसी प्रकार एक नकारात्मक विचार आपके हजारों सपनों को जला सकता है |

हर चीज को, हर मुश्किल को, हर समस्या को सकारात्मकता के साथ देखिये, फिर आप देखेंगें कि आपने अपनी समस्याओं का हल निकाल लिया है | और फिर आपको एक नयी सोच , नयी उम्मीद , एक नया नजरिया देखने को मिलेगा |

क्योंकि एक बार जब आप अपने नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों में बदल देंगें तब आपको सकारात्मक नतीजें मिलने शुरू हो जायेंगे |

सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति हर मुश्किल का सामना कर लेता है, हर समस्या का समाधान कर लेता है और अन्त में अपनी मंजिल को पा लेता है |

इसलिए नकारात्मक विचार छोड़िये और सकारात्मक विचार अपनाइए |


“आपको ये लेख कैसा लगा, कृप्या कमेंट के माध्यम से  मुझे बताएं “………धन्यवाद

“यदि आपके पास Hindi में  कोई  Article, Positive Thinking, Self Confidence, Personal Development या  Motivation से  related कोई  story या जानकारी है  जिसे आप  इस  Blog पर  Publish कराना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ  हमें  E-mail करें.

हमारी E-mail Id है : gyanversha1@gmail.com.

पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. ………………धन्यवाद् !”

नए पोस्ट अपने E-mail पर तुरंत प्राप्त करने के लिए यहाँ अपना नाम और E-mail ID लिखकर Subscribe करें।

About Pushpendra Kumar Singh 152 Articles
Hi Guys, This is Pushpendra Kumar Singh behind this motivational blog. I founded this blog to share motivational articles on different categories to make a change in human livings. I love to serve the people and motivate them.I love to read and write motivational things. Be friend with Pushpendra at Facebook Google+ Twitter

2 Trackbacks / Pingbacks

  1. सोचने का नजरिया बदलो और परिस्थितियों को बदल दो – Gyan Versha
  2. नकारात्मक नजरिया छोडो सकारात्मक नजरिया अपनाओ | Gyan Versha

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*