हिन्दी कहानियाँ

बिना उम्मीद, बिना लालच के जरुरतमंदों की मदद करें।

December 23, 2016 // 8 Comments

बिना उम्मीद, बिना लालच के जरुरतमंदों की मदद करें। (Help peoples without any hope, without any greed) जरुरतमंदो की मदद करने से, जरुरत के समय किसी के काम आने से, बुरे वक़्त में किसी का सहारा बनने से बड़ा पुण्य इस ……[Read More…]

बात को सोच समझकर, सही ढंग से तथा मुस्कुराकर बोलें

September 12, 2016 // 9 Comments

  बात को सोच  समझकर, सही ढंग से तथा मुस्कुराकर बोलें। (Speak thoughtful, in right manner and with smile) इंसान को बोलना सीखने में तीन साल लग जाते हैं… लेकिन क्या बोलना है?  ये सीखने में पूरी जिदंगी लग जाती ……[Read More…]

अपने आप को मुश्किलों, मुसीबतों से बड़ा बना लो

April 23, 2016 // 9 Comments

अपने आप को मुश्किलों, मुसीबतों से बड़ा बना लो (Make yourself greater than problems) मुश्किलें, मुसीबतें सभी की जिंदगी में लगी रहती हैं। लेकिन जो इन्सान छोटी सी मुश्किल या मुसीबत को बहुत बड़ा बना लेता है या इनसे डर ……[Read More…]

भगवान पर भरोसा रखें, भगवान सबकी सुनता है और सबकी मदद करता है

April 16, 2016 // 22 Comments

भगवान पर भरोसा रखें, भगवान सबकी सुनता है और सबकी मदद करता है (Always believe in GOD. God always helps you) आपने बहुत सी बार देखा होगा और महसूस भी किया होगा कि आप किसी मुश्किल या मुसीबत में फंसे ……[Read More…]

दूसरों के भरोसे मत रहो, अपना काम खुद करो

April 10, 2016 // 9 Comments

दूसरों के भरोसे मत रहो, अपना काम खुद करो  (Don’t depend on others,Do your work yourself) कहानियाँ सुनने में तथा पढने में बेशक कहानियाँ ही लगें लेकिन उनके अन्दर एक सन्देश छुपा होता है। कहानियों में एक ऐसी प्रेरणा होती ……[Read More…]

आप क्या हैं दुर्जन या सज्जन

March 26, 2016 // 8 Comments

आप क्या हैं दुर्जन या सज्जन ? ( What are you evil or gentleman?) ये इंसान की प्रवृति है कि इंसान खुद अपने दिल से, अपने मन से जैसा होगा उसे दूसरे लोग भी वैसे ही नज़र आयेंगे। अगर कोई व्यक्ति ……[Read More…]

बुरे वक़्त में ही पता चलता है कि कौन अपना है और कौन पराया

February 13, 2016 // 1 Comment

सुख के सब साथी………….. दुःख में ना कोई………….. ये लाइन अपने आप में बहुत कुछ कहती है। इस बात से कोई भी इंकार नहीं कर सकता कि अपने और पराये का पता मुसीबत में ही चलता है। बुरे वक़्त में ……[Read More…]

पहले अपने अंदर झांको

January 25, 2016 // 11 Comments

पुराने जमाने की बात है। गुरुकुल के एक आचार्य अपने शिष्य की सेवा भावना से बहुत प्रभावित हुए। विधा पूरी होने के बाद शिष्य को विदा करते समय उन्होंने आशीर्वाद के रूप में उसे एक ऐसा दिव्य दर्पण भेंट किया, ……[Read More…]

सोचने का नजरिया बदलो और परिस्थितियों को बदल दो

January 22, 2016 // 9 Comments

दोस्तों आज मैं आपके सामने एक ऐसी कहानी पेश करने जा रहा हूँ जिसमे एक जैसी ही परिस्थितियों में, एक जैसी ही बातों के लिए दो अलग अलग लोगों का चीजों को देखने का नजरिया, सोचने का नजरिया अलग अलग ……[Read More…]

मुसीबतों से हिम्मत ना हारें

September 23, 2015 // 8 Comments

मुसीबतों से हिम्मत ना हारें

एक किसान के पास एक बूढा गधा था | एक दिन किसान का गधा कुएँ में गिर गया । वह गधा घंटों ज़ोर -ज़ोर से रोता रहा | किसान सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे क्या करना चाहिए और क्या नहीं ?

हमारे छोटे से प्रयास से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है

September 23, 2015 // 0 Comments

हमारे छोटे से प्रयास से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है

एक व्यक्ति रोज़ाना समुद्र तट पर जाता और वहाँ काफी देर तक बैठा रहता। आती-जाती लहरों को लगातार देखता रहता। बीच-बीच में वह कुछ उठाकर समुद्र में फेंकता, फिर आकर अपने स्थान पर बैठ जाता।

रास्ते का पत्थर

August 13, 2015 // 1 Comment

रास्ते का पत्थर

बहुत पुरानी बात है, एक बार एक राजा ने अपने राज्य के मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच एक बड़ा पत्थर रखवा दिया। वह एक पेड़ के पीछे छुपकर यह देखने लगा कि कोई उस पत्थर को हटाता है या नहीं।

एक ग्लास दूध

August 13, 2015 // 0 Comments

एक ग्लास दूध

हॉवर्ड केली नामक एक गरीब लड़का घर-घर जाकर सामान बेचा करता था ताकि वह अपने स्कूल की फीस जमा कर सके। एक दिन उसे बेहद भूख लगी लेकिन उसके पास सिर्फ़ पचास पैसे थे।

दो नगीने

August 13, 2015 // 0 Comments

दो नगीने

किसी शहर में एक रब्बाई (यहूदी पुजारी) अपनी गुणवती पत्नी और दो प्यारे बच्चों के साथ रहता था| एक बार उसे किसी काम से बहुत दिनों के लिए शहर से बाहर जाना पड़ा|

चार पत्नियाँ

August 13, 2015 // 0 Comments

चार पत्नियाँ

एक धनी व्यापारी की चार पत्नियाँ थीं। वह अपनी चौथी पत्नी से सबसे अधिक प्रेम करता था और उसकी सुख-सुविधाओं में उसने कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

दो फ़रिश्ते

August 13, 2015 // 0 Comments

दो फ़रिश्ते

दो फ़रिश्ते दुनिया में घूम रहे थे | एक दिन वे एक धनी परिवार के घर में रात गुजरने के लिए रुक गए।

अपने मूल्य को पहचाने

July 16, 2015 // 4 Comments

एक बार एक जाना माना स्पीकर अपना सेमिनार कर रहा था | उसने हाथ में पाँच सौ का नोट लहराते हुए अपने हॉल में बैठे सैकड़ों लोगों से पूछा ,” ये पाँच सौ का नोट कौन लेना चाहता है?” सभा ……[Read More…]

अच्छाइयों को देखें बुराइयो को नहीं

July 16, 2015 // 7 Comments

एक बार की बात है दो दोस्त रेगिस्तान से होकर गुजर रहे थे |  सफ़र के दौरान दोनों के बीच में किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गयी.और उनमे से एक दोस्त ने दूसरे के गाल पर थप्पड़ मार ……[Read More…]

सफलता का रहस्य

July 16, 2015 // 0 Comments

एक बार एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है? सुकरात ने उस लड़के से कहा कि तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो| वो लड़का अगले दिन नदी के किनारे सुकरात से मिला | ……[Read More…]

गुस्सा करने से पहले सोचें

July 16, 2015 // 1 Comment

एक बार मेहनती और ईमानदार नौजवान बहुत पैसे कमाना चाहता था । उसका सपना था कि वह मेहनत करके खूब पैसे कमाये और एक दिन अपने पैसे से एक कार खरीदे। जब भी वह कोई कार देखता तो उसका अपनी ……[Read More…]

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