help peoples

बिना उम्मीद, बिना लालच के जरुरतमंदों की मदद करें।

December 23, 2016 Pushpendra Kumar Singh 8

बिना उम्मीद, बिना लालच के जरुरतमंदों की मदद करें। (Help peoples without any hope, without any greed) जरुरतमंदो की मदद करने से, जरुरत के समय किसी के काम आने से, बुरे [Read More…]

how to talk others

बात को सोच समझकर, सही ढंग से तथा मुस्कुराकर बोलें

September 12, 2016 Pushpendra Kumar Singh 10

  बात को सोच  समझकर, सही ढंग से तथा मुस्कुराकर बोलें। (Speak thoughtful, in right manner and with smile) इंसान को बोलना सीखने में तीन साल लग जाते हैं… लेकिन [Read More…]

make yourself big than problems

अपने आप को मुश्किलों, मुसीबतों से बड़ा बना लो

April 23, 2016 Pushpendra Kumar Singh 10

अपने आप को मुश्किलों, मुसीबतों से बड़ा बना लो (Make yourself greater than problems) मुश्किलें, मुसीबतें सभी की जिंदगी में लगी रहती हैं। लेकिन जो इन्सान छोटी सी मुश्किल या [Read More…]

always believe in god

भगवान पर भरोसा रखें, भगवान सबकी सुनता है और सबकी मदद करता है

April 16, 2016 Pushpendra Kumar Singh 28

भगवान पर भरोसा रखें, भगवान सबकी सुनता है और सबकी मदद करता है (Always believe in GOD. God always helps you) आपने बहुत सी बार देखा होगा और महसूस भी [Read More…]

birds motivational story

दूसरों के भरोसे मत रहो, अपना काम खुद करो

April 10, 2016 Pushpendra Kumar Singh 9

दूसरों के भरोसे मत रहो, अपना काम खुद करो  (Don’t depend on others,Do your work yourself) कहानियाँ सुनने में तथा पढने में बेशक कहानियाँ ही लगें लेकिन उनके अन्दर एक [Read More…]

jameendar with son moral story

मौकों को पहचानने वाले लोग ही ज़िंदगी में आगे बढ़ते हैं

March 29, 2016 Pushpendra Kumar Singh 7

मौकों को पहचानने वाले लोग ही ज़िंदगी में आगे बढ़ते हैं ईश्वर अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ने तथा अपने आप को साबित करने के लिए हर किसी को हुनर देता [Read More…]

point of view

हम जैसा सोचेंगे हमें उसके वैसे ही परिणाम मिलेंगे

March 12, 2016 Pushpendra Kumar Singh 6

हम जैसा सोचेंगे हमें उसके वैसे ही परिणाम मिलेंगे हमारे सोचने के तरीके से हमारी उम्मीदों, आशाओं और नज़रिये का गहरा सम्बन्ध है। मुश्किलो, मुसीबतों या विपरीत परिस्थितियों में हम जैसा [Read More…]

बुरे वक़्त में ही पता चलता है कि कौन अपना है और कौन पराया

February 13, 2016 Pushpendra Kumar Singh 1

  सुख के सब साथी………….. दुःख में ना कोई………….. ये लाइन अपने आप में बहुत कुछ कहती है। इस बात से कोई भी इंकार नहीं कर सकता कि अपने और [Read More…]

www.gyanversha.com

चेहरे को नहीं दिल को बनायें खूबसूरत

February 10, 2016 Pushpendra Kumar Singh 15

पहली बार में जब हम किसी को देखते हैं या किसी से मिलते हैं तो हमारी नजर उसकी शक्ल सूरत पर ज्यादा जाती है। क्योंकि हम उसकी बाहरी खूबसूरती से [Read More…]

नफरत को ख़त्म करके अपने विचारों को शुद्ध करें  

January 30, 2016 Pushpendra Kumar Singh 4

ये मनुष्य का nature है कि वो negative चीजों को बहुत जल्दी पकड़ता है। परिस्थितियों के positive पक्ष के बारे में बहुत कम लोग सोचते है। कोई भी स्थिति हो [Read More…]

पहले अपने अंदर झांको

January 25, 2016 Pushpendra Kumar Singh 11

  पुराने जमाने की बात है। गुरुकुल के एक आचार्य अपने शिष्य की सेवा भावना से बहुत प्रभावित हुए। विधा पूरी होने के बाद शिष्य को विदा करते समय उन्होंने [Read More…]

सोचने का नजरिया बदलो और परिस्थितियों को बदल दो

January 22, 2016 Pushpendra Kumar Singh 10

  दोस्तों आज मैं आपके सामने एक ऐसी कहानी पेश करने जा रहा हूँ जिसमे एक जैसी ही परिस्थितियों में, एक जैसी ही बातों के लिए दो अलग अलग लोगों [Read More…]

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

January 21, 2016 Pushpendra Kumar Singh 7

 परेशानियाँ सभी के साथ लगी रहती हैं। कोई भी ऐसा नहीं है जो हमेशा ही खुश रहता हो। चाहे अमीर हो या गरीब सभी को कभी ना कभी मुश्किलों, मुसीबतों [Read More…]

आप क्या बनना चाहते हैं.. असली हीरा या नकली कांच

January 20, 2016 Pushpendra Kumar Singh 8

एक राजा का दरबार लगा हुआ था। सर्दी का दिन था इसलिये राजा का दरबार बाहर खुले आसमान के नीचे लगा था। पूरी सभा सुबह की धूप में बैठी थी।  [Read More…]

glass

समस्याओं को नीचे रख दीजिये

November 2, 2015 Pushpendra Kumar Singh 2

समस्याओं को नीचे रख दीजिये

आजकल की इस व्यस्त और भागदौड़ भरी ज़िंदगी में चिंताएं, तनाव, समस्यायेँ लगभग सभी के साथ लगी रहती हैं | कोई भी ऐसा नहीं है जिसे किसी तरह की समस्या न हो | ज़्यादातर चिंताओं और तनाव का बोझ हम बिना मतलब ही ढोते रहते हैं | हम समस्याओं के समाधान के बारे में ना सोच कर ज़्यादातर समस्या के बारे में ही सोचते रहते हैं जिससे समस्याए और बढ़ जाती हैं | बार बार और लगातार समस्याओं के बारे ज़्यादा देर तक या रोज़ाना ही सोचने से समस्या तो कम नहीं होगी उल्टे हम ही तनावग्रस्त हो जाते हैं | हमारा स्वस्थ्य ख़राब हो जाता हैं या हम मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम भी हो सकते हैं | [Read More…]