स्वयं पर विश्वास ही सफलता का पैमाना है

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 4

स्वयं पर विश्वास ही सफलता का पैमाना है

सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉक्टर जगदीशचंद्र बोस ने यह खोज की थी कि सभी पेड़-पौधों में जीव-जंतु एवं प्राणी की तरह ही प्राण होते हैं, वे दुःख-दर्द का अनुभव करते हैं। यदि पौधों को जहर दे दिया जाए, तो वे भी मर जाते हैं। [Read More…]

मेहनत से ही छुआ जाता है बुलंदियों को

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 7

मेहनत से ही छुआ जाता है बुलंदियों को

एक बहुत ही गरीब लड़का था | उसे खाना खाने के लिए भी बहुत संघर्ष करना पड़ता था | दो वक्त की रोटी भी उसे सही से नसीब नहीं हो रही थी | वो लड़का बहुत ही मेहनती था | बिना किसी की सहायता लिए वह अपने स्कूल की फीस जमा किया करता था |
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हमारे छोटे से प्रयास से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

हमारे छोटे से प्रयास से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है

एक व्यक्ति रोज़ाना समुद्र तट पर जाता और वहाँ काफी देर तक बैठा रहता। आती-जाती लहरों को लगातार देखता रहता। बीच-बीच में वह कुछ उठाकर समुद्र में फेंकता, फिर आकर अपने स्थान पर बैठ जाता। [Read More…]

आप क्या करते हैं भगवान को सब पता है

September 22, 2015 Pushpendra Kumar Singh 3

आप क्या करते हैं भगवान को सब पता है

एक फकीर 50 साल से एक ही जगह बैठकर रोज़ाना 5 वक़्त की नमाज पढता था |

एक दिन आकाश से आकाशवाणी हुई और खुदा की आवाज आई………..
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आपको क्या बनना है ………शेर या गीदड़

September 22, 2015 Pushpendra Kumar Singh 3

आपको क्या बनना है ………शेर या गीदड़

किसी गाँव में एक व्यक्ति रहता था | एक बार वह किसी काम से अपने गाँव से शहर की ओर जा रहा था | रास्ते में एक जंगल पड़ता था | जब वह उस जंगल से गुजर रहा था तो उसे प्यास लगी | वह पास ही जंगल में बहने वाली नदी की तरफ गया | [Read More…]

जब तक तोड़ूंगा नहीं तब तक छोड़ूंगा नहीं : दशरथ मांझी

August 24, 2015 Pushpendra Kumar Singh 4

जब तक तोड़ूंगा नहीं तब तक छोड़ूंगा नहीं : दशरथ मांझी

बहुत पुरानी कहावत है कि “अकेला चना कभी भाड़ नहीं फोड़ सकता |” लेकिन इस कहावत को पूरी तरह से झुठला दिया है बिहाल के दशरथ मांझी ने | उन्होंने अपनी इच्छा शक्ति, दृढ़ संकल्प और सहस से अकेले दम पर वो असंभव कार्य कर दिखाया जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता | [Read More…]

बोलने से पहले सोचें

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 1

बोलने से पहले सोचें

अक्सर छोटी छोटी बातों पर गुस्सा करना मनुष्य की प्रवृति है | और गुस्से में किसी को डाँट देना, अपशब्द कहना या कुछ ऐसा कह देना जो हमें नहीं कहना चाहिए, ये भी स्वाभाविक है | लेकिन जब गुस्सा शाँत होता है तब हमें एहसास होता है कि हमने क्या सही किया और क्या गलत किया | [Read More…]

आज ही क्यों नहीं

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

आज ही क्यों नहीं

एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था | गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री था | सदा स्वाध्याय से दूर भागने की कोशिश करता तथा आज के काम को कल के लिए छोड़ दिया करता था | [Read More…]

खुश रहना है तो जितना है उतने में ही संतोष करो

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

खुश रहना है तो जितना है उतने में ही संतोष करो

एक बार की बात है | एक गाँव में एक महान संत रहते थे | वे अपना स्वयं का आश्रम बनाना चाहते थे जिसके लिए वे कई लोगो से मुलाकात करते थे | और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह यात्रा के लिए जाना पड़ता था | इसी यात्रा के दौरान एक दिन उनकी मुलाकात एक साधारण सी कन्या विदुषी से हुई | [Read More…]

भाग्य से नहीं कर्म से निकला जाता है मुसीबतों से

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

भाग्य से नहीं कर्म से निकला जाता है मुसीबतों से

एक समय की बात है | एक नदी के किनारे उसी नदी से जुडा एक तालाब था। उस तालाब में नदी से आई हुई बहुत सी मछलियाँ रहती थीं | वह तालाब लम्बी घास व झाडियों से घिरा होने के कारण आसानी से नजर नहीं आता था। [Read More…]

समस्याओं का समाधान करें और आगे बढ़ें

August 18, 2015 Pushpendra Kumar Singh 1

समस्याओं का समाधान करें और आगे बढ़ें

एक गाँव में एक किसान रहता था | वह खेती बाड़ी करके अपने परिवार का पालन पोषण किया करता था | उसके खेत के बीचो-बीच पत्थर का एक छोटा सा हिस्सा ज़मीन से ऊपर निकला हुआ था जिससे ठोकर खाकर वह कई बार खुद भी गिर चुका था और ना जाने कितनी ही बार उससे पत्थर से टकराकर उसका हल भी टूट चुका था | [Read More…]

मुश्किलों का सामना करें और जीत हासिल करें

August 18, 2015 Pushpendra Kumar Singh 4

मुश्किलों का सामना करें और जीत हासिल करें

एक बार एक लड़की अपने पिता के साथ कार से कहीं जा रही थी | कार लड़की चला रही थी | अचानक रास्ते में एक भयंकर तूफ़ान आया | [Read More…]

रास्ते का पत्थर

August 13, 2015 Pushpendra Kumar Singh 1

रास्ते का पत्थर

बहुत पुरानी बात है, एक बार एक राजा ने अपने राज्य के मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच एक बड़ा पत्थर रखवा दिया। वह एक पेड़ के पीछे छुपकर यह देखने लगा कि कोई उस पत्थर को हटाता है या नहीं। [Read More…]

एक ग्लास दूध

August 13, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

एक ग्लास दूध

हॉवर्ड केली नामक एक गरीब लड़का घर-घर जाकर सामान बेचा करता था ताकि वह अपने स्कूल की फीस जमा कर सके। एक दिन उसे बेहद भूख लगी लेकिन उसके पास सिर्फ़ पचास पैसे थे। [Read More…]

दो नगीने

August 13, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

दो नगीने

किसी शहर में एक रब्बाई (यहूदी पुजारी) अपनी गुणवती पत्नी और दो प्यारे बच्चों के साथ रहता था| एक बार उसे किसी काम से बहुत दिनों के लिए शहर से बाहर जाना पड़ा|
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चार पत्नियाँ

August 13, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

चार पत्नियाँ

एक धनी व्यापारी की चार पत्नियाँ थीं। वह अपनी चौथी पत्नी से सबसे अधिक प्रेम करता था और उसकी सुख-सुविधाओं में उसने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। [Read More…]

दो फ़रिश्ते

August 13, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

दो फ़रिश्ते

दो फ़रिश्ते दुनिया में घूम रहे थे | एक दिन वे एक धनी परिवार के घर में रात गुजरने के लिए रुक गए। [Read More…]