तोड़ दो उस बंधन को जो आपको सफल होने से रोकता है

October 24, 2015 Pushpendra Kumar Singh 4

तोड़ दो उस बंधन को जो आपको सफल होने से रोकता है

आज प्रतिस्पर्धा का दौर है और हममें से सभी लोग सफल होना चाहते हैं | तथा सफल होने के लिए मेहनत और कोशिश भी करते हैं | पर कुछ लोग सफल हो जाते हैं और कुछ बार बार कोशिश करने के बाद भी असफल हो जाते हैं |

विद्यार्थी अपने अच्छे भविष्य के लिए परीक्षा देते है | कुछ लोग अच्छी नौकरी के लिए इंटरव्यू देते हैं | लेकिन उनमे से सभी सफल नहीं हो पाते| [Read More…]

हमारा व्यवहार ही हमें श्रेष्ठ बनाता है

October 14, 2015 Pushpendra Kumar Singh 7

हमारा व्यवहार ही हमें श्रेष्ठ बनाता है

क्या आजकल की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में आप इस बात पर एक दम से यकीन कर सकते हैं कि हमारा व्यवहार या हमारा कोई छोटा सा काम कभी हमारी जान बचा सकता है| [Read More…]

Motivational stories

बड़ा बनना है तो बड़ा सोचो

October 5, 2015 Pushpendra Kumar Singh 11

बड़ा बनना है तो बड़ा सोचो

दोस्तों ये कहानी दर्शाती है कि हम सोचते क्या हैं और कैसे सोचते हैं | हम अक्सर जैसा सोचते है वैसा ही बन जाते हैं | या हम अपनी सोच के अनुसार ही कार्य करने लग जाते हैं | आइये इस कहानी से इसे समझते हैं |
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संघर्ष से ही हमारी जड़ें मजबूत होती हैं

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 8

संघर्ष से ही हमारी जड़ें मजबूत होती हैं

एक बार एक युवक को संघर्ष करते – करते कई वर्ष हो गए लेकिन उसे सफलता नहीं मिली | वह काफी निराश हो गया, और नकारात्मक विचारो ने उसे घेर लिया | उसने इस कदर उम्मीद खो दी कि उसने आत्महत्या करने का मन बना लिया | [Read More…]

स्वयं पर विश्वास ही सफलता का पैमाना है

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 3

स्वयं पर विश्वास ही सफलता का पैमाना है

सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉक्टर जगदीशचंद्र बोस ने यह खोज की थी कि सभी पेड़-पौधों में जीव-जंतु एवं प्राणी की तरह ही प्राण होते हैं, वे दुःख-दर्द का अनुभव करते हैं। यदि पौधों को जहर दे दिया जाए, तो वे भी मर जाते हैं। [Read More…]

मेहनत से ही छुआ जाता है बुलंदियों को

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 7

मेहनत से ही छुआ जाता है बुलंदियों को

एक बहुत ही गरीब लड़का था | उसे खाना खाने के लिए भी बहुत संघर्ष करना पड़ता था | दो वक्त की रोटी भी उसे सही से नसीब नहीं हो रही थी | वो लड़का बहुत ही मेहनती था | बिना किसी की सहायता लिए वह अपने स्कूल की फीस जमा किया करता था |
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हमारे छोटे से प्रयास से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

हमारे छोटे से प्रयास से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है

एक व्यक्ति रोज़ाना समुद्र तट पर जाता और वहाँ काफी देर तक बैठा रहता। आती-जाती लहरों को लगातार देखता रहता। बीच-बीच में वह कुछ उठाकर समुद्र में फेंकता, फिर आकर अपने स्थान पर बैठ जाता। [Read More…]

आप क्या करते हैं भगवान को सब पता है

September 22, 2015 Pushpendra Kumar Singh 3

आप क्या करते हैं भगवान को सब पता है

एक फकीर 50 साल से एक ही जगह बैठकर रोज़ाना 5 वक़्त की नमाज पढता था |

एक दिन आकाश से आकाशवाणी हुई और खुदा की आवाज आई………..
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आपको क्या बनना है ………शेर या गीदड़

September 22, 2015 Pushpendra Kumar Singh 3

आपको क्या बनना है ………शेर या गीदड़

किसी गाँव में एक व्यक्ति रहता था | एक बार वह किसी काम से अपने गाँव से शहर की ओर जा रहा था | रास्ते में एक जंगल पड़ता था | जब वह उस जंगल से गुजर रहा था तो उसे प्यास लगी | वह पास ही जंगल में बहने वाली नदी की तरफ गया | [Read More…]

जब तक तोड़ूंगा नहीं तब तक छोड़ूंगा नहीं : दशरथ मांझी

August 24, 2015 Pushpendra Kumar Singh 4

जब तक तोड़ूंगा नहीं तब तक छोड़ूंगा नहीं : दशरथ मांझी

बहुत पुरानी कहावत है कि “अकेला चना कभी भाड़ नहीं फोड़ सकता |” लेकिन इस कहावत को पूरी तरह से झुठला दिया है बिहाल के दशरथ मांझी ने | उन्होंने अपनी इच्छा शक्ति, दृढ़ संकल्प और सहस से अकेले दम पर वो असंभव कार्य कर दिखाया जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता | [Read More…]

बोलने से पहले सोचें

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 1

बोलने से पहले सोचें

अक्सर छोटी छोटी बातों पर गुस्सा करना मनुष्य की प्रवृति है | और गुस्से में किसी को डाँट देना, अपशब्द कहना या कुछ ऐसा कह देना जो हमें नहीं कहना चाहिए, ये भी स्वाभाविक है | लेकिन जब गुस्सा शाँत होता है तब हमें एहसास होता है कि हमने क्या सही किया और क्या गलत किया | [Read More…]

आज ही क्यों नहीं

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

आज ही क्यों नहीं

एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था | गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री था | सदा स्वाध्याय से दूर भागने की कोशिश करता तथा आज के काम को कल के लिए छोड़ दिया करता था | [Read More…]

खुश रहना है तो जितना है उतने में ही संतोष करो

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

खुश रहना है तो जितना है उतने में ही संतोष करो

एक बार की बात है | एक गाँव में एक महान संत रहते थे | वे अपना स्वयं का आश्रम बनाना चाहते थे जिसके लिए वे कई लोगो से मुलाकात करते थे | और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह यात्रा के लिए जाना पड़ता था | इसी यात्रा के दौरान एक दिन उनकी मुलाकात एक साधारण सी कन्या विदुषी से हुई | [Read More…]

भाग्य से नहीं कर्म से निकला जाता है मुसीबतों से

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

भाग्य से नहीं कर्म से निकला जाता है मुसीबतों से

एक समय की बात है | एक नदी के किनारे उसी नदी से जुडा एक तालाब था। उस तालाब में नदी से आई हुई बहुत सी मछलियाँ रहती थीं | वह तालाब लम्बी घास व झाडियों से घिरा होने के कारण आसानी से नजर नहीं आता था। [Read More…]

समस्याओं का समाधान करें और आगे बढ़ें

August 18, 2015 Pushpendra Kumar Singh 1

समस्याओं का समाधान करें और आगे बढ़ें

एक गाँव में एक किसान रहता था | वह खेती बाड़ी करके अपने परिवार का पालन पोषण किया करता था | उसके खेत के बीचो-बीच पत्थर का एक छोटा सा हिस्सा ज़मीन से ऊपर निकला हुआ था जिससे ठोकर खाकर वह कई बार खुद भी गिर चुका था और ना जाने कितनी ही बार उससे पत्थर से टकराकर उसका हल भी टूट चुका था | [Read More…]

मुश्किलों का सामना करें और जीत हासिल करें

August 18, 2015 Pushpendra Kumar Singh 4

मुश्किलों का सामना करें और जीत हासिल करें

एक बार एक लड़की अपने पिता के साथ कार से कहीं जा रही थी | कार लड़की चला रही थी | अचानक रास्ते में एक भयंकर तूफ़ान आया | [Read More…]