Motivational Stories

संघर्ष से ही हमारी जड़ें मजबूत होती हैं

September 23, 2015 // 6 Comments

संघर्ष से ही हमारी जड़ें मजबूत होती हैं

एक बार एक युवक को संघर्ष करते – करते कई वर्ष हो गए लेकिन उसे सफलता नहीं मिली | वह काफी निराश हो गया, और नकारात्मक विचारो ने उसे घेर लिया | उसने इस कदर उम्मीद खो दी कि उसने आत्महत्या करने का मन बना लिया |

स्वयं पर विश्वास ही सफलता का पैमाना है

September 23, 2015 // 3 Comments

स्वयं पर विश्वास ही सफलता का पैमाना है

सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉक्टर जगदीशचंद्र बोस ने यह खोज की थी कि सभी पेड़-पौधों में जीव-जंतु एवं प्राणी की तरह ही प्राण होते हैं, वे दुःख-दर्द का अनुभव करते हैं। यदि पौधों को जहर दे दिया जाए, तो वे भी मर जाते हैं।

मेहनत से ही छुआ जाता है बुलंदियों को

September 23, 2015 // 7 Comments

मेहनत से ही छुआ जाता है बुलंदियों को

एक बहुत ही गरीब लड़का था | उसे खाना खाने के लिए भी बहुत संघर्ष करना पड़ता था | दो वक्त की रोटी भी उसे सही से नसीब नहीं हो रही थी | वो लड़का बहुत ही मेहनती था | बिना किसी की सहायता लिए वह अपने स्कूल की फीस जमा किया करता था |

हमारे छोटे से प्रयास से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है

September 23, 2015 // 0 Comments

हमारे छोटे से प्रयास से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है

एक व्यक्ति रोज़ाना समुद्र तट पर जाता और वहाँ काफी देर तक बैठा रहता। आती-जाती लहरों को लगातार देखता रहता। बीच-बीच में वह कुछ उठाकर समुद्र में फेंकता, फिर आकर अपने स्थान पर बैठ जाता।

आपको क्या बनना है ………शेर या गीदड़

September 22, 2015 // 3 Comments

आपको क्या बनना है ………शेर या गीदड़

किसी गाँव में एक व्यक्ति रहता था | एक बार वह किसी काम से अपने गाँव से शहर की ओर जा रहा था | रास्ते में एक जंगल पड़ता था | जब वह उस जंगल से गुजर रहा था तो उसे प्यास लगी | वह पास ही जंगल में बहने वाली नदी की तरफ गया |

देखने का नजरिया

August 27, 2015 // 4 Comments

देखने का नजरिया

एक बार एक संत अपने शिष्यों के साथ नदी में स्नान कर रहे थे | तभी एक राहगीर वहाँ से गुजरा तो संत को नदी में नहाते देख वो उनसे कुछ पूछने के लिए रुक गया | वो संत से पूछने लगा ” महात्मन मैं अभी अभी इस जगह पर आया हूँ और नया होने के कारण मुझे इस जगह के बारे कोई विशेष जानकारी नहीं है | कृपा करके आप मुझे एक बात बताईये कि यहाँ रहने वाले लोग कैसे है ?

जब तक तोड़ूंगा नहीं तब तक छोड़ूंगा नहीं : दशरथ मांझी

August 24, 2015 // 4 Comments

जब तक तोड़ूंगा नहीं तब तक छोड़ूंगा नहीं : दशरथ मांझी

बहुत पुरानी कहावत है कि “अकेला चना कभी भाड़ नहीं फोड़ सकता |” लेकिन इस कहावत को पूरी तरह से झुठला दिया है बिहाल के दशरथ मांझी ने | उन्होंने अपनी इच्छा शक्ति, दृढ़ संकल्प और सहस से अकेले दम पर वो असंभव कार्य कर दिखाया जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता |

बाधाएं हमें मजबूत बनाती हैं

August 24, 2015 // 2 Comments

बाधाएं हमें मजबूत बनाती हैं

किसी गाँव में एक धर्मपरायण किसान रहा करता था । उसकी फसल अक्सर खराब हो जाया करती थी । कभी बाढ़ आ जाया करती थी तो कभी सूखे की वजह से उसकी फसल बर्बाद हो जाया करती । कभी गर्मी बेहद होती तो कभी ठण्ड इतनी होती कि वो बेचारा कभी भी अपनी फसल को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर पाया ।

बोलने से पहले सोचें

August 20, 2015 // 1 Comment

बोलने से पहले सोचें

अक्सर छोटी छोटी बातों पर गुस्सा करना मनुष्य की प्रवृति है | और गुस्से में किसी को डाँट देना, अपशब्द कहना या कुछ ऐसा कह देना जो हमें नहीं कहना चाहिए, ये भी स्वाभाविक है | लेकिन जब गुस्सा शाँत होता है तब हमें एहसास होता है कि हमने क्या सही किया और क्या गलत किया |

आज ही क्यों नहीं

August 20, 2015 // 0 Comments

आज ही क्यों नहीं

एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था | गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री था | सदा स्वाध्याय से दूर भागने की कोशिश करता तथा आज के काम को कल के लिए छोड़ दिया करता था |

खुश रहना है तो जितना है उतने में ही संतोष करो

August 20, 2015 // 0 Comments

खुश रहना है तो जितना है उतने में ही संतोष करो

एक बार की बात है | एक गाँव में एक महान संत रहते थे | वे अपना स्वयं का आश्रम बनाना चाहते थे जिसके लिए वे कई लोगो से मुलाकात करते थे | और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह यात्रा के लिए जाना पड़ता था | इसी यात्रा के दौरान एक दिन उनकी मुलाकात एक साधारण सी कन्या विदुषी से हुई |

भाग्य से नहीं कर्म से निकला जाता है मुसीबतों से

August 20, 2015 // 0 Comments

भाग्य से नहीं कर्म से निकला जाता है मुसीबतों से

एक समय की बात है | एक नदी के किनारे उसी नदी से जुडा एक तालाब था। उस तालाब में नदी से आई हुई बहुत सी मछलियाँ रहती थीं | वह तालाब लम्बी घास व झाडियों से घिरा होने के कारण आसानी से नजर नहीं आता था।

समस्याओं का समाधान करें और आगे बढ़ें

August 18, 2015 // 1 Comment

समस्याओं का समाधान करें और आगे बढ़ें

एक गाँव में एक किसान रहता था | वह खेती बाड़ी करके अपने परिवार का पालन पोषण किया करता था | उसके खेत के बीचो-बीच पत्थर का एक छोटा सा हिस्सा ज़मीन से ऊपर निकला हुआ था जिससे ठोकर खाकर वह कई बार खुद भी गिर चुका था और ना जाने कितनी ही बार उससे पत्थर से टकराकर उसका हल भी टूट चुका था |

मुश्किलों का सामना करें और जीत हासिल करें

August 18, 2015 // 3 Comments

मुश्किलों का सामना करें और जीत हासिल करें

एक बार एक लड़की अपने पिता के साथ कार से कहीं जा रही थी | कार लड़की चला रही थी | अचानक रास्ते में एक भयंकर तूफ़ान आया |

अभ्यास क्यों जरुरी है

August 3, 2015 // 0 Comments

आप अपनी ज़िंदगी के किसी भी काम को ले लीजिये चाहे वो किसी एक खास क्षेत्र में एक्सपर्ट होना हो जैसे क्रिकेट, सिंगिंग, एक्टिंग या कोई परीक्षा पास करनी हो या फिर हमारा रोज़मर्रा का रोजगार | अगर हमें उस ……[Read More…]

खुश रहने का रहस्य

July 27, 2015 // 0 Comments

बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक महात्मा रहते थे | आसपास के गाँवो के लोग अपनी समस्याओं और परेशानियों के समाधान के लिए महात्मा के पास जाते थे | और संत उनकी समस्याओं, परेशानियों को दूर ……[Read More…]

अपने मूल्य को पहचाने

July 16, 2015 // 4 Comments

एक बार एक जाना माना स्पीकर अपना सेमिनार कर रहा था | उसने हाथ में पाँच सौ का नोट लहराते हुए अपने हॉल में बैठे सैकड़ों लोगों से पूछा ,” ये पाँच सौ का नोट कौन लेना चाहता है?” सभा ……[Read More…]

अच्छाइयों को देखें बुराइयो को नहीं

July 16, 2015 // 7 Comments

एक बार की बात है दो दोस्त रेगिस्तान से होकर गुजर रहे थे |  सफ़र के दौरान दोनों के बीच में किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गयी.और उनमे से एक दोस्त ने दूसरे के गाल पर थप्पड़ मार ……[Read More…]

सफलता का रहस्य

July 16, 2015 // 0 Comments

एक बार एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है? सुकरात ने उस लड़के से कहा कि तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो| वो लड़का अगले दिन नदी के किनारे सुकरात से मिला | ……[Read More…]

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