कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

January 21, 2016 Pushpendra Kumar Singh 7

 परेशानियाँ सभी के साथ लगी रहती हैं। कोई भी ऐसा नहीं है जो हमेशा ही खुश रहता हो। चाहे अमीर हो या गरीब सभी को कभी ना कभी मुश्किलों, मुसीबतों [Read More…]

आप क्या बनना चाहते हैं.. असली हीरा या नकली कांच

January 20, 2016 Pushpendra Kumar Singh 8

एक राजा का दरबार लगा हुआ था। सर्दी का दिन था इसलिये राजा का दरबार बाहर खुले आसमान के नीचे लगा था। पूरी सभा सुबह की धूप में बैठी थी।  [Read More…]

glass

समस्याओं को नीचे रख दीजिये

November 2, 2015 Pushpendra Kumar Singh 2

समस्याओं को नीचे रख दीजिये

आजकल की इस व्यस्त और भागदौड़ भरी ज़िंदगी में चिंताएं, तनाव, समस्यायेँ लगभग सभी के साथ लगी रहती हैं | कोई भी ऐसा नहीं है जिसे किसी तरह की समस्या न हो | ज़्यादातर चिंताओं और तनाव का बोझ हम बिना मतलब ही ढोते रहते हैं | हम समस्याओं के समाधान के बारे में ना सोच कर ज़्यादातर समस्या के बारे में ही सोचते रहते हैं जिससे समस्याए और बढ़ जाती हैं | बार बार और लगातार समस्याओं के बारे ज़्यादा देर तक या रोज़ाना ही सोचने से समस्या तो कम नहीं होगी उल्टे हम ही तनावग्रस्त हो जाते हैं | हमारा स्वस्थ्य ख़राब हो जाता हैं या हम मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम भी हो सकते हैं | [Read More…]

तोड़ दो उस बंधन को जो आपको सफल होने से रोकता है

October 24, 2015 Pushpendra Kumar Singh 4

तोड़ दो उस बंधन को जो आपको सफल होने से रोकता है

आज प्रतिस्पर्धा का दौर है और हममें से सभी लोग सफल होना चाहते हैं | तथा सफल होने के लिए मेहनत और कोशिश भी करते हैं | पर कुछ लोग सफल हो जाते हैं और कुछ बार बार कोशिश करने के बाद भी असफल हो जाते हैं |

विद्यार्थी अपने अच्छे भविष्य के लिए परीक्षा देते है | कुछ लोग अच्छी नौकरी के लिए इंटरव्यू देते हैं | लेकिन उनमे से सभी सफल नहीं हो पाते| [Read More…]

हमारा व्यवहार ही हमें श्रेष्ठ बनाता है

October 14, 2015 Pushpendra Kumar Singh 7

हमारा व्यवहार ही हमें श्रेष्ठ बनाता है

क्या आजकल की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में आप इस बात पर एक दम से यकीन कर सकते हैं कि हमारा व्यवहार या हमारा कोई छोटा सा काम कभी हमारी जान बचा सकता है| [Read More…]

Motivational stories

बड़ा बनना है तो बड़ा सोचो

October 5, 2015 Pushpendra Kumar Singh 11

बड़ा बनना है तो बड़ा सोचो

दोस्तों ये कहानी दर्शाती है कि हम सोचते क्या हैं और कैसे सोचते हैं | हम अक्सर जैसा सोचते है वैसा ही बन जाते हैं | या हम अपनी सोच के अनुसार ही कार्य करने लग जाते हैं | आइये इस कहानी से इसे समझते हैं |
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संघर्ष से ही हमारी जड़ें मजबूत होती हैं

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 8

संघर्ष से ही हमारी जड़ें मजबूत होती हैं

एक बार एक युवक को संघर्ष करते – करते कई वर्ष हो गए लेकिन उसे सफलता नहीं मिली | वह काफी निराश हो गया, और नकारात्मक विचारो ने उसे घेर लिया | उसने इस कदर उम्मीद खो दी कि उसने आत्महत्या करने का मन बना लिया | [Read More…]

स्वयं पर विश्वास ही सफलता का पैमाना है

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 3

स्वयं पर विश्वास ही सफलता का पैमाना है

सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉक्टर जगदीशचंद्र बोस ने यह खोज की थी कि सभी पेड़-पौधों में जीव-जंतु एवं प्राणी की तरह ही प्राण होते हैं, वे दुःख-दर्द का अनुभव करते हैं। यदि पौधों को जहर दे दिया जाए, तो वे भी मर जाते हैं। [Read More…]

मेहनत से ही छुआ जाता है बुलंदियों को

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 7

मेहनत से ही छुआ जाता है बुलंदियों को

एक बहुत ही गरीब लड़का था | उसे खाना खाने के लिए भी बहुत संघर्ष करना पड़ता था | दो वक्त की रोटी भी उसे सही से नसीब नहीं हो रही थी | वो लड़का बहुत ही मेहनती था | बिना किसी की सहायता लिए वह अपने स्कूल की फीस जमा किया करता था |
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हमारे छोटे से प्रयास से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है

September 23, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

हमारे छोटे से प्रयास से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है

एक व्यक्ति रोज़ाना समुद्र तट पर जाता और वहाँ काफी देर तक बैठा रहता। आती-जाती लहरों को लगातार देखता रहता। बीच-बीच में वह कुछ उठाकर समुद्र में फेंकता, फिर आकर अपने स्थान पर बैठ जाता। [Read More…]

आप क्या करते हैं भगवान को सब पता है

September 22, 2015 Pushpendra Kumar Singh 3

आप क्या करते हैं भगवान को सब पता है

एक फकीर 50 साल से एक ही जगह बैठकर रोज़ाना 5 वक़्त की नमाज पढता था |

एक दिन आकाश से आकाशवाणी हुई और खुदा की आवाज आई………..
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आपको क्या बनना है ………शेर या गीदड़

September 22, 2015 Pushpendra Kumar Singh 3

आपको क्या बनना है ………शेर या गीदड़

किसी गाँव में एक व्यक्ति रहता था | एक बार वह किसी काम से अपने गाँव से शहर की ओर जा रहा था | रास्ते में एक जंगल पड़ता था | जब वह उस जंगल से गुजर रहा था तो उसे प्यास लगी | वह पास ही जंगल में बहने वाली नदी की तरफ गया | [Read More…]

देखने का नजरिया

August 27, 2015 Pushpendra Kumar Singh 4

देखने का नजरिया

एक बार एक संत अपने शिष्यों के साथ नदी में स्नान कर रहे थे | तभी एक राहगीर वहाँ से गुजरा तो संत को नदी में नहाते देख वो उनसे कुछ पूछने के लिए रुक गया | वो संत से पूछने लगा ” महात्मन मैं अभी अभी इस जगह पर आया हूँ और नया होने के कारण मुझे इस जगह के बारे कोई विशेष जानकारी नहीं है | कृपा करके आप मुझे एक बात बताईये कि यहाँ रहने वाले लोग कैसे है ? [Read More…]

जब तक तोड़ूंगा नहीं तब तक छोड़ूंगा नहीं : दशरथ मांझी

August 24, 2015 Pushpendra Kumar Singh 4

जब तक तोड़ूंगा नहीं तब तक छोड़ूंगा नहीं : दशरथ मांझी

बहुत पुरानी कहावत है कि “अकेला चना कभी भाड़ नहीं फोड़ सकता |” लेकिन इस कहावत को पूरी तरह से झुठला दिया है बिहाल के दशरथ मांझी ने | उन्होंने अपनी इच्छा शक्ति, दृढ़ संकल्प और सहस से अकेले दम पर वो असंभव कार्य कर दिखाया जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता | [Read More…]

बाधाएं हमें मजबूत बनाती हैं

August 24, 2015 Pushpendra Kumar Singh 2

बाधाएं हमें मजबूत बनाती हैं

किसी गाँव में एक धर्मपरायण किसान रहा करता था । उसकी फसल अक्सर खराब हो जाया करती थी । कभी बाढ़ आ जाया करती थी तो कभी सूखे की वजह से उसकी फसल बर्बाद हो जाया करती । कभी गर्मी बेहद होती तो कभी ठण्ड इतनी होती कि वो बेचारा कभी भी अपनी फसल को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर पाया । [Read More…]

बोलने से पहले सोचें

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 1

बोलने से पहले सोचें

अक्सर छोटी छोटी बातों पर गुस्सा करना मनुष्य की प्रवृति है | और गुस्से में किसी को डाँट देना, अपशब्द कहना या कुछ ऐसा कह देना जो हमें नहीं कहना चाहिए, ये भी स्वाभाविक है | लेकिन जब गुस्सा शाँत होता है तब हमें एहसास होता है कि हमने क्या सही किया और क्या गलत किया | [Read More…]