make yourself big than problems

अपने आप को मुश्किलों, मुसीबतों से बड़ा बना लो

April 23, 2016 Pushpendra Kumar Singh 10

अपने आप को मुश्किलों, मुसीबतों से बड़ा बना लो (Make yourself greater than problems) मुश्किलें, मुसीबतें सभी की जिंदगी में लगी रहती हैं। लेकिन जो इन्सान छोटी सी मुश्किल या [Read More…]

always believe in god

भगवान पर भरोसा रखें, भगवान सबकी सुनता है और सबकी मदद करता है

April 16, 2016 Pushpendra Kumar Singh 37

भगवान पर भरोसा रखें, भगवान सबकी सुनता है और सबकी मदद करता है (Always believe in GOD. God always helps you) आपने बहुत सी बार देखा होगा और महसूस भी [Read More…]

बुरे वक़्त में ही पता चलता है कि कौन अपना है और कौन पराया

February 13, 2016 Pushpendra Kumar Singh 1

  सुख के सब साथी………….. दुःख में ना कोई………….. ये लाइन अपने आप में बहुत कुछ कहती है। इस बात से कोई भी इंकार नहीं कर सकता कि अपने और [Read More…]

नफरत को ख़त्म करके अपने विचारों को शुद्ध करें  

January 30, 2016 Pushpendra Kumar Singh 4

ये मनुष्य का nature है कि वो negative चीजों को बहुत जल्दी पकड़ता है। परिस्थितियों के positive पक्ष के बारे में बहुत कम लोग सोचते है। कोई भी स्थिति हो [Read More…]

सोचने का नजरिया बदलो और परिस्थितियों को बदल दो

January 22, 2016 Pushpendra Kumar Singh 10

  दोस्तों आज मैं आपके सामने एक ऐसी कहानी पेश करने जा रहा हूँ जिसमे एक जैसी ही परिस्थितियों में, एक जैसी ही बातों के लिए दो अलग अलग लोगों [Read More…]

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

January 21, 2016 Pushpendra Kumar Singh 7

 परेशानियाँ सभी के साथ लगी रहती हैं। कोई भी ऐसा नहीं है जो हमेशा ही खुश रहता हो। चाहे अमीर हो या गरीब सभी को कभी ना कभी मुश्किलों, मुसीबतों [Read More…]

आप क्या बनना चाहते हैं.. असली हीरा या नकली कांच

January 20, 2016 Pushpendra Kumar Singh 9

एक राजा का दरबार लगा हुआ था। सर्दी का दिन था इसलिये राजा का दरबार बाहर खुले आसमान के नीचे लगा था। पूरी सभा सुबह की धूप में बैठी थी।  [Read More…]

glass

समस्याओं को नीचे रख दीजिये

November 2, 2015 Pushpendra Kumar Singh 2

समस्याओं को नीचे रख दीजिये

आजकल की इस व्यस्त और भागदौड़ भरी ज़िंदगी में चिंताएं, तनाव, समस्यायेँ लगभग सभी के साथ लगी रहती हैं | कोई भी ऐसा नहीं है जिसे किसी तरह की समस्या न हो | ज़्यादातर चिंताओं और तनाव का बोझ हम बिना मतलब ही ढोते रहते हैं | हम समस्याओं के समाधान के बारे में ना सोच कर ज़्यादातर समस्या के बारे में ही सोचते रहते हैं जिससे समस्याए और बढ़ जाती हैं | बार बार और लगातार समस्याओं के बारे ज़्यादा देर तक या रोज़ाना ही सोचने से समस्या तो कम नहीं होगी उल्टे हम ही तनावग्रस्त हो जाते हैं | हमारा स्वस्थ्य ख़राब हो जाता हैं या हम मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम भी हो सकते हैं | [Read More…]

खुश रहना है तो जितना है उतने में ही संतोष करो

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

खुश रहना है तो जितना है उतने में ही संतोष करो

एक बार की बात है | एक गाँव में एक महान संत रहते थे | वे अपना स्वयं का आश्रम बनाना चाहते थे जिसके लिए वे कई लोगो से मुलाकात करते थे | और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह यात्रा के लिए जाना पड़ता था | इसी यात्रा के दौरान एक दिन उनकी मुलाकात एक साधारण सी कन्या विदुषी से हुई | [Read More…]

भाग्य से नहीं कर्म से निकला जाता है मुसीबतों से

August 20, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

भाग्य से नहीं कर्म से निकला जाता है मुसीबतों से

एक समय की बात है | एक नदी के किनारे उसी नदी से जुडा एक तालाब था। उस तालाब में नदी से आई हुई बहुत सी मछलियाँ रहती थीं | वह तालाब लम्बी घास व झाडियों से घिरा होने के कारण आसानी से नजर नहीं आता था। [Read More…]

रास्ते का पत्थर

August 13, 2015 Pushpendra Kumar Singh 1

रास्ते का पत्थर

बहुत पुरानी बात है, एक बार एक राजा ने अपने राज्य के मुख्य मार्ग पर बीचों-बीच एक बड़ा पत्थर रखवा दिया। वह एक पेड़ के पीछे छुपकर यह देखने लगा कि कोई उस पत्थर को हटाता है या नहीं। [Read More…]

एक ग्लास दूध

August 13, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

एक ग्लास दूध

हॉवर्ड केली नामक एक गरीब लड़का घर-घर जाकर सामान बेचा करता था ताकि वह अपने स्कूल की फीस जमा कर सके। एक दिन उसे बेहद भूख लगी लेकिन उसके पास सिर्फ़ पचास पैसे थे। [Read More…]

दो नगीने

August 13, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

दो नगीने

किसी शहर में एक रब्बाई (यहूदी पुजारी) अपनी गुणवती पत्नी और दो प्यारे बच्चों के साथ रहता था| एक बार उसे किसी काम से बहुत दिनों के लिए शहर से बाहर जाना पड़ा|
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चार पत्नियाँ

August 13, 2015 Pushpendra Kumar Singh 0

चार पत्नियाँ

एक धनी व्यापारी की चार पत्नियाँ थीं। वह अपनी चौथी पत्नी से सबसे अधिक प्रेम करता था और उसकी सुख-सुविधाओं में उसने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। [Read More…]